जब हम कैंसर के इलाज के बारे में सोचते हैं, तो पहली चीज जो दिमाग में आती है, वह है कीमोथेरेपी। वैसे तो विभिन्न कैंसर का उपचार कई तरह से किया जाता हैै, यह आमतौर पर उपलब्ध विकल्पों का एक संयोजन है जिनमें रेडियोथेरेपी, सर्जरी से ट्यूमर को हटाने, लक्षित (targeted) दवाएं आदि शामिल है। 

हालांकि, कीमोथेरेपी को अक्सर गलत समझा जाता है और लोग इसके नाम से डरने लगते हैं। इसका एक मुख्य कारण यह है कि लोग अक्सर इसके लाभों से अधिक कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों को उजागर करते हैं। तो, चलिए जानते हैं कि कीमोथेरेपी क्या है!   

जैसा कि नाम से ही पता चलता है, कैंसर में कीमोथेरेपी अनिवार्य रूप से एक उपचार है जिसमें दवाओं की मदद से कैंसर कोशिकाओं को तेजी से नष्ट किया जाता है। कीमोथेरेपी को या तो एक विशेष प्रकार के कैंसर के आधार पर एकमात्र उपचार के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है या जैसा कि पहले बताया गया है, दूसरों के साथ संयोजन में भी इस्तेमाल किया जाता है। इसे ज्यादातर इंट्रावेनस (खून की नस में) इंजेक्शन के रूप में और कभी-कभी मुख से ले जाने वाली दवाओं के रूप में दिया जाता है।

इसका उपयोग क्यों और कब किया जाता है?

कैंसर कोशिकाएं तीव्र गति से विभाजित करती हैं, और उनमें शरीर के अन्य हिस्सों में फैलने की प्रवृत्ति होती है, जो कि कैंसर की उत्पत्ति वाले के अंग से दूर है।क्योंकि कीमोथेरेपी को रक्त की नसों में डाल दिया जाता है, तो वो दवाइयां खून में मिलकर हर उस स्थान पर काम करती है जहां पर कैंसर विकसित हो रहा होता है जबकि सर्जरी और रेडियोथेरेपी मुख्यत: कैंसर के मूल उत्तक पर इस्तेमाल किए जा सकते हैं

ऐसा करने से, कीमोथेरेपी में निम्नलिखित रूप में मदद करती हैः 

कैंसर का इलाज करने में 

कीमोथेरेपी दवाएं कैंसर कोशिकाओं को मारने में मदद करती हैं और कई मामलों जैसे कि ब्लड कैंसर में, यह कैंसर को पूरी तरह से ठीक करने में मदद करती हैं।

एडजुवेंट कीमोथेरेपी के रूप में 

यह छिपे हुए कैंसर कोशिकाओं को हटाने में मददगार है, जो सर्जरी जैसे अन्य मुख्यत: उपचारों के बाद भी रह सकते हैं।

नियोएडजुवेंट थेरेपी के रूप में

कीमोथेरेपी का उपयोग ट्यूमर के आकार को कम करने के लिए किया जा सकता है, ताकि विकिरण या सर्जरी जैसे अन्य उपचार संभव हो सके।

पैलिएटिव कीमोथेरेपी 

लक्षणों को कम करने के लिए – ऐसे मामलों में जहां कीमोथेरेपी या कोई अन्य उपचार कैंसर का इलाज या नियंत्रण नहीं कर सकता है, रोगी  के लक्षणों को कम करने और उनके जीवन की गुणवत्ता में कुछ हद तक सुधार करने के लिए कीमोथेरेपी का उपयोग किया जाता है।

इसके अलावा, जब कीमोथेरेपी का उपयोग रोगियों को दिए जा रहे अन्य उपचारों के साथ किया जाता है या उसका पालन किया जाता है, तो अनिवार्य रूप से यह सुनिश्चित किया जाता है कि शरीर में कहीं भी, शेष कैंसर कोशिकाएं भी नष्ट हो जाए।

आपको यह जानकर भी आश्चर्य होगा कि कीमोथेरेपी का उपयोग केवल कैंसर के इलाज के लिए ही नहीं किया जाता है, बल्कि कुछ प्रतिरक्षा प्रणाली विकारों जैसे कि रूमेटाइड अर्थराइटिस और ल्यूपस के उपचार में भी किया जाता है। इसमें इस्तेमाल की जाने वाली कीमोथेरेपी दवाओं की तीव्रता हालांकि काफी कम होती है। इसका उपयोग बोन मैरो ट्रांसप्लांट के लिए किसी व्यक्ति के शरीर को तैयार करने के लिए भी उपयोग किया जाता है, जहां इसका उपयोग रक्त बनाने वाले बोन मैरो में कैंसर कोशिकाओं को हटाने के लिए किया जाता है।

कीमोथेरेपी के लिए तैयारी

एक डर के रूप में लोगों के दिमाग में बैठी हुई कीमोथेरेपी, कैंसर का इलाज करने के लिए बहुत आवश्यक है। इससे पहले कि आप स्थिति गंभीर होने पर कीमोथेरेपी के अपॉइंटमेंट के लिए जाए,  आपको मानसिक और शारीरिक रूप से पहले से ही इसके लिए तैयार होने की जरूरत है। आपके ऑन्कोलॉजिस्ट और हेल्थ केयर टीम आपको उन दवाओं के बारे में बताएगी, जिनका उपयोग आपके इलाज के लिए किया जाएगा और आप कीमोथेरेपी सेशन के दौरान क्या उम्मीद कर सकते हैं।

वास्तविक चिकित्सा शुरू होने से पहले, प्रत्येक रोगी का मूल्यांकन किया जाता है कि वह कीमोथेरेपी के लिए पर्याप्त स्वस्थ है या नहीं। डॉक्टर ब्लड प्रेशर, शरीर का तापमान, पोषण की स्थिति की जांच करते हैं और आमतौर पर कीमोथेरेपी की प्रक्रिया में स्वास्थ्य की स्थिति को समझने के लिए ब्लड टेस्ट हीमोग्लोबिन, वाइट सेल काउंट, लीवर और कीडनी के टेस्ट, हार्ट के लिए इको टेस्ट की सलाह दी जाती हैै। इन परीक्षणों के परिणामों के आधार पर, ऑन्कोलॉजिस्ट रोगी की कीमोथेरेपी के लिए उपयुक्तता निर्धारित करते हैं। कुछ अन्य तैयारियों की आवश्यकता हो सकती हैः

दांतों का चेकअप

कीमोथेरेपी के लिए रोगियों को बताई गई पहली चीजों में से एक है सभी दंत संक्रमणों का इलाज। इसके लिए अपने दंत चिकित्सक से मिलें। इसका मुख्य कारण यह है कि कीमोथेरेपी शरीर की प्रतिरोधक क्षमता को कम कर देती है और यदि कोई मौजूदा दंत संक्रमण हो तो यह मामलों को जटिल बना सकता है। इसलिए, कीमोथेरेपी सेशन शुरू करने से पहले सभी छेद और मसूड़ों के रोगों का इलाज करने की सिफारिश की जाती है।

इंट्रावेनस कीमोथेरेपी ( IV) कीमोथेरेपी की तैयारी

यदि एक ऑन्कोलॉजिस्ट ने अपने रोगी के लिए IV (नसों में) कीमोथेरेपी की सिफारिश की है, तो इस प्रक्रिया में एक कैथेटर को रोगी के हाथ या बाहों में लगाया जाता है। IV कैनुला कुछ दिनों के लिए आपकी नस में रह सकती है या आपके देखभाल करने वाले प्रत्येक कीमोथेरेपी डोज से पहले एक नई IV लगा सकते हैं। इसको लेकर आप एक बार अपने डॉक्टर से बात कर सकते हैं।

जब कीमोथेरेपी साइकल केे महीनों तक चलने की उम्मीद होती है, तो डॉक्टर कीमोपोर्ट नामक एक उपकरण को छाती की त्वचा के नीचे डालते हैं, जो आपकी रक्त संचार में प्रवेश करने वाली प्रमुख नसों से सीधे जुड़ा होता है। जब भी कीमो की जाएगी, नर्स सुई को सीधे कीमो पोर्ट में डाल कर इसे ड्रग डिस्पेंसिंग लाइन से जोड़ देगी।
इससे छोटी नसों को बार—बार कीमोथेरेपी लगने की वजह से नुकसान नहीं होता।

संभावित दुष्प्रभावों के बारे में जानकारी

कीमोथेरेपी के दुष्प्रभावों के बारे में बहुत कुछ बताया जाता है। हालांकि, सभी कीमोथेरेपी दवाओं से हर रोगी को दुष्प्रभाव नहीं झेलने पड़ते। एक मरीज के साथ कीमोथेरेपी सेशन शुरू करने से पहले, उसे इस बारे में सूचित किया जाता है कि इसके दुष्प्रभाव क्या और कब हो सकता हैं। इससे रोगी और उनके परिवार के सदस्यों को आगे के लिए एक साफ तस्वीर मिल जाती है।

अपने घर और काम की योजना बनाएं

कीमोथेरेपी के प्रत्येक रोगी को पहले से बता दिया जाता है कि, उन्हें कीमोथेरेपी एक आउट पेशेंट प्रक्रिया के रूप में दी गई है और इस दौरान रोगी अपने नियमित कामों को कर सकते हैं, कुछ मामलों में, रोगी को काम में कुछ मदद की आवश्यकता हो सकती है।

आपका पहला अपॉइंटमेंट

एक मरीज का पहला कीमोथेरेपी का अपॉइंटमेंट डरावना हो सकता है लेकिन स्वास्थ्य टीम और ऑन्कोलॉजिस्ट की सही जानकारी के साथ, इस अपॉइंटमेंट को कम तनाव वाला किया जा सकता है। रोगियों को हल्का भोजन खाने और पिछली रात को पर्याप्त मात्रा में आराम करने की सलाह दी जा सकती है।

उपचार के बारे में सहायता के लिए, और प्राथमिकता के आधार पर अपॉइंटमेंट बुक करने के लिए, आप हमारे केयर मैनेजर से संपर्क कर सकते हैं।

कीमोथेरेपी कैसे की जाती है? (प्रक्रिया)

जब आपके डॉक्टर आपको कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी के विकल्प की सिफारिश करते हैं, तो इसकी प्रक्रिया को  समझना बहुत जरूरी है, जो आपको उपचार का निर्णय लेने में मदद करता है। कीमोथेरेपी प्रक्रिया की खुराक और उसकी अवधि कैंसर के प्रकार और जटिलता पर निर्भर करती है, जब इसका उपयोग किया जाता है।

कीमोथेरेपी विभिन्न तरीकों से की जाती है, जैसे:

ओरल कीमोथेरेपी

इसमें गोलियां या कैप्सूल के रूप में दवा देना शामिल है

कीमोथेरेपी इंजेक्शन

यह कीमोथेरेपी करने का सबसे आम तरीका है जब रोगियों को उपचार के दौरान कीमोथेरेपी दवाओं के इंजेक्शन लगाए जाते हैं। इस तरह के इंजेक्शन या तो नसों में या कीमो पोर्ट के माध्यम से दिए जाते हैं, जहां दवा सीधे रक्त संचार में प्रवेश करती है।

शरीर के एक विशिष्ट भाग में कैसे की जाती है कीमोथेरेपी

कई बार, कीमोथेरेपी दवाएं सीधे प्रभावित क्षेत्रों में दी जाती हैं। उदाहरण के लिए, जब कैंसर पेट के भीतर बड़े पैमाने पर फैल चुका होता है, तो डॉक्टर सीधे कैंसर के ट्यूमर का इलाज करने के लिए कीमोथेरेपी दवा का उपयोग करते हैं, इस तकनीक को HIPEC कहा जाता हैैं। इसी तरह, अन्य प्रकारों में इंट्राफ्यूरल (छाती के अंदर), Intrathecal (रीढ़ के अंदर), और इंट्रावेसिकल (मूत्राशय के अंदर) शामिल हैं।

कीमोथेरेपी की प्रक्रिया के आधार पर, कई बार रोगी को ओरल कीमोथेरेपी के अंदर घर पर दवाओं का सेवन करने की अनुमति दी जाती है। जिस आवृत्ति के साथ कीमोथेरेपी दी जाती है, वह काफी हद तक कैंसर के प्रकार, कैंसर के चरण, दवा के प्रकार और रोगी के शरीर को प्रत्येक सेशन के बाद ठीक होने पर निर्भर करती है।

कीमोथेरेपी के दुष्प्रभाव और जोखिम

कीमोथेरेपी के बारे में लोग जानते तो काफी मात्रा में है, लेकिन उनके मन में इस थेरेपी को लेकर कई तरह की गलत धारणाएं बनी हुई हैै। जिसको लेकर रोगी और उनके परिवार में हमेशा कीमोथेरेपी को लेकर एक डर सा बना रहता है।

जब कैंसर कोशिकाएं तेजी से बढ़ती हैं, तो कीमो दवाओं को इन तेजी से बढ़ने वाली कोशिकाओं को मारने के लिए लक्षित किया जाता है। जब एक कीमोथेरेपी दवा दी जाती है, तो वे पूरे शरीर में घूमकर सामान्य, स्वस्थ कोशिकाओं पर हमला करती है जो तेजी से बढ़ रही होती है। इन स्वस्थ कोशिकाओं को होने वाला नुकसान कुछ दुष्प्रभाव पैदा करता हैै, और कैंसर उपचार के इस भाग के दौरान सतर्क रहना सामान्य है।

सामान्यतौर पर, कीमो से सबसे ज्यादा नुकसान तेजी से बढ़ने वाली कोशिकाओं को होता है, जिनमें बालों के रोम की कोशिकाएं, बोन मैरो में रक्त बनाने वाली कोशिकाएं, और मुंह की कोशिकाएं, पाचन तंत्र और प्रजनन प्रणाली की कोशिकाएं शामिल हैं।

इन प्रभावों को मोटे तौर पर तत्काल प्रभाव और देर से होने वाले प्रभावों में वर्गीकृत किया जा सकता है, जब ये प्रभाव कीमोथेरेपी सेशन के बाद दिखाई देते हैं।

अमेरिकन कैंसर सोसायटी के अनुसार, यहां कीमोथेरेपी के कारण होने वाले कुछ और सामान्य दुष्प्रभाव दिए गए हैंः 

    • थकान
    • बालों का झड़ना
    • संक्रमण (जोकि मुख्यत: बुखार के रूप में सामने आता है)
    • एनीमिया 
    • मतली और उल्टी
    • भूख में परिवर्तन
    • कब्ज
    • डायरिया
    • मुंह, जीभ और गले में खराश के साथ कुछ भी निगलने में समस्या
    • तंत्रिका और मांसपेशियों की समस्याएं जैसे सुन्नता, झनझनाहट और दर्द
    • त्वचा और नाखून में बदलाव जैसे सूखी त्वचा और रंग में बदलाव
    • मूत्र और मूत्राशय में परिवर्तन और गुर्दे की समस्याएं
    • वजन में परिवर्तन
    • मूड में बदलाव
    • कामेच्छा और यौन क्रिया में परिवर्तन
    • प्रजनन संबंधी समस्याएं

कीमोथेरेपी सेशन के बाद ये दुष्प्रभाव कुछ मिनटों से लेकर कुछ घंटों तक दिखाई देते हैं और अक्सर खुद या कुछ समय में बिना किसी दवा के ठीक हो जाते हैं। हालांकि, इन दुष्प्रभावों में से कुछ देर से आते हैं (जो उपचार के कुछ महीनों या सालों के बाद तक दिखाई नहीं देते हैं) और अधिक लंबे समय तक चलने वाले होते हैं। 

इस प्रक्रिया के बाद बालों का झड़ना, बहुत आम है। हालांकि, उपचार पूरा होने के बाद बाल वापस उग जाते हैं। ऐसा कोई भी तरीका नहीं है जो आपको बता सके कि आपके अगले कीमोथेरेपी सेशन में क्या होगा या आपका शरीर उपचार को कैसे स्वीकार करेगा। लेकिन, आज तक कैंसर को हरा देने के लिए कीमोथेरेपी सबसे सफल उपचारों में से एक रहा है और इस क्षेत्र में कई प्रगति होती रहती है, ताकि मरीजों के लिए पूरी प्रक्रिया को और अधिक आरामदायक बनाया जा सके। 

Source: ONCO.COM

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